प्रमोद कुमार
रायपुर, 11मार्च 2026: एल्युमीनियम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत वेदमृत जिबिका किसान उत्पादक कंपनी (एफपीओ) की शुरुआत की है। इसके साथ ही कंपनी ने ‘वेदमृत – 100% शुद्ध शहद’ ब्रांड को भी लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण किसानों की आजीविका मजबूत करना और टिकाऊ कृषि व जैव विविधता को बढ़ावा देना है।

इस पहल के तहत, कंपनी ने पूर्वी भारत का सबसे बड़ा शहद उत्पादक किसान संगठन स्थापित किया है। पहले चरण में 500 से अधिक किसानों को वैज्ञानिक मधुमक्खी-पालन प्रशिक्षण और मधुमक्खी बक्से वितरित किए गए। हर मधुमक्खी बॉक्स से किसानों को सालाना लगभग 16,000 रुपए की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
एफपीओ का लक्ष्य अप्रैल 2026 तक 5,000 लीटर शुद्ध शहद का उत्पादन करना है और भविष्य में इसे बढ़ाकर 20,000 लीटर प्रति वर्ष तक पहुँचाने की योजना है। इससे किसानों के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए का राजस्व सृजित होने की संभावना है, जिससे संगठन की आर्थिक स्थिरता मजबूत होगी।
वेदांता एल्युमीनियम ने किसानों के तकनीकी सशक्तिकरण के लिए ओड़िया और अंग्रेज़ी में द्विभाषी प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया। प्रशिक्षण में शहद उत्पादन और हनी एक्सट्रैक्शन का लाइव प्रदर्शन भी शामिल था, जिससे किसानों को आधुनिक मधुमक्खी-पालन तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिला।
वेदमृत जिबिका एफपीओ की सदस्य मंजू पटेल ने कहा,
“वेदमृत ने हमारे लिए नए अवसर खोल दिए हैं। अब मैं सिर्फ मौसमी फसलों पर निर्भर नहीं हूँ और अधिक कमाई कर पा रही हूँ। इस पहल ने हमें भरोसा दिया कि हमारी मेहनत हमारे परिवारों के लिए बेहतर भविष्य बना सकती है।”
मधुमक्खी पालन केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह प्राकृतिक परागण को बढ़ाकर फसलों की उत्पादकता में लगभग 30% तक सुधार करता है, जिससे जैव विविधता मजबूत होती है और टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलता है।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा,
“वेदमृत हमारे संचालन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले समुदायों के लिए स्थायी आजीविका बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वैज्ञानिक तकनीक, बाजार तक पहुँच और प्रशिक्षण के माध्यम से हम ग्रामीण आय बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान देना चाहते हैं।”
इस कार्यक्रम में झारसुगुड़ा के विधायक टंकधर त्रिपाठी, कलेक्टर कुनाल मोतीराम चव्हाण (IAS) और स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधि शामिल थे। वेदांता एल्युमीनियम की वरिष्ठ टीम में सी. चंद्रू (CEO), अमित गुप्ता (CFO), कैप्टन ओ.पी. (CSO), संदीप (Head HSF) और हरमीत सेहरा (CSR प्रमुख) सहित अन्य CSR टीम सदस्य भी उपस्थित थे।
वेदांता एल्युमीनियम का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2028 तक इस एफपीओ में 1,500 से अधिक किसानों को शामिल किया जाए और इसे देश के सबसे बड़े शहद उत्पादक संगठनों में विकसित किया जाए। इसके साथ ही कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक बुनियादी ढाँचे में भी निवेश जारी रखेगी, ताकि ग्रामीण समुदायों के लिए दीर्घकालिक और समावेशी विकास के अवसर तैयार किए जा सकें।



