प्रमोद कुमार
रायपुर, 13 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 3502 करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।

चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि लोगों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुविधा बढ़ाने के लिए
- मुंगेली जिले के विजयपुर
- सरगुजा जिले के देवगढ़
को उप-तहसील बनाया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सरकार ने भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया है।
- डिजिटल ऋण पुस्तिका
- भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण
- ऑटो डायवर्जन व्यवस्था
- लोक सेवा गारंटी के तहत सेवाएं
इन व्यवस्थाओं से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी आई है।
ऑटो डायवर्जन प्रणाली लागू होने के बाद अब भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए किए गए आवेदन पर 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन स्वीकृति मिल जाती है। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और पारंपरिक ग्रामीण व्यवसाय से जुड़े परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है।
- 2025-26 में 4.96 लाख हितग्राही
- 2026-27 में योजना के लिए 605 करोड़ रुपए का प्रावधान
UPHAR योजना के तहत सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग के जरिए फसल क्षेत्र, उत्पादन और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
राज्य में स्वामित्व योजना के तहत 10.50 लाख ग्रामीणों को भूमि अधिकार पत्र देने का लक्ष्य है। अब तक 1.60 लाख लोगों को अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने विशेष वित्तीय प्रावधान किए हैं।
- SDRF के लिए 588 करोड़ रुपए
- NDRF के लिए 50 करोड़ रुपए
- SDMF के लिए 147 करोड़ रुपए
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य डिजिटल राजस्व प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी आपदा प्रबंधन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं देना है।





