दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर Abhijeet Singh ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी Ekta Sahu को निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले में पटवारी और फसल सर्वेयर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में पहले तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिनमें कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर Shashikant Sahu और ग्राम समोदा की पटवारी Anita Sahu शामिल थीं। जांच के बाद कृषि विस्तार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस खेत में अफीम की खेती पकड़ी गई, उसे कृषि विभाग के रिकॉर्ड में मक्के का प्लॉट बताया गया था। यह जमीन भाजपा नेता Vinayak Tamrakar के भाई Vimal Tamrakar के नाम पर दर्ज बताई गई थी।
दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि जिस स्थान को मक्का फसल प्रदर्शन प्लॉट बताया गया था, वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी। नियमों के अनुसार प्रदर्शन प्लॉट में उसी किसान की फोटो और वास्तविक फसल की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होता है, लेकिन रिपोर्ट में किसी अन्य किसान की फोटो लगाकर मक्के की फसल दिखा दी गई। इसी क्षेत्र के पीछे अफीम की अवैध खेती भी की जा रही थी।
कलेक्टर ने बताया कि फसल सर्वेयर ने सितंबर 2025 में डिजिटल सर्वे के दौरान खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और खसरा नंबर 310 को धान की फसल बताया था, जबकि दोनों जगहों पर अफीम की खेती हो रही थी। पटवारी को इस रिपोर्ट का सत्यापन करना था, लेकिन बिना मौके पर जांच किए ही रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई।
प्रशासन को इस पूरे मामले में अधिकारियों और संबंधित लोगों के बीच सांठगांठ की आशंका है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।





