प्रमोद कुमार
रायपुर | 14 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वर्चुअल बैठक में भाग लिया। यह बैठक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के पीएचई और ग्रामीण विकास मंत्री शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की स्थिति की समीक्षा की गई तथा जल जीवन मिशन 2.0 की रूपरेखा और शर्तों की जानकारी भी राज्यों को दी गई।
नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहे। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से बैठक में जुड़े। उनके साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक जितेंद्र कुमार शुक्ला और प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी भी मौजूद थे।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल कनेक्शनों की प्रगति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि भी प्राथमिकता के आधार पर जारी की जाए।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि एकल ग्राम योजनाओं के साथ-साथ मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर केंद्र से राशि जारी की जाए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। इसके साथ ही संशोधित ओएंडएम नीति लागू करने, सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री तैयार करने और सुजलम भारत मोबाइल ऐप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद ही मिशन के अंतर्गत योजनावार राशि जारी की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा दिसंबर 2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।





