प्रमोद कुमार
रायपुर, 17 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी घेर लिया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन करते हुए अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

विधायक अंबिका मरकाम ने धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लॉटिंग का मामला उठाते हुए पूछा कि वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई। जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि कुल 175 खसरा नंबरों में से 8 मामलों की जांच की गई है, जबकि अन्य मामलों में जांच और कार्रवाई जारी है। अब तक तीन पटवारियों की वेतनवृद्धि रोकी गई है तथा कई अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इस दौरान विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने भी अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी का मुद्दा उठाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से कराने की मांग की।
वहीं सदन में आदिवासियों की जमीन की खरीदी-बिक्री का मुद्दा भी उठा। भाजपा विधायक गोमती साय ने जशपुर में गैर-आदिवासियों द्वारा आदिवासी जमीन खरीदने का आरोप लगाया। विधायक भावना बोहरा ने कवर्धा जिले में भी इसी तरह के मामलों की जांच की मांग की।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जहां से भी शिकायतें मिलेंगी, वहां जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जशपुर में अभी जमीन खरीद-बिक्री का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। हालांकि कब्जे से जुड़े दो मामलों में मूल स्वामी को जमीन वापस दिलाई गई है।





