सतीश शर्मा
रायपुर, 26 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने 3 अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर सुपरवाइजर सहित कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी रायपुर में बैठकर अमेरिका समेत विदेशों के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को 15 हजार रुपए मासिक वेतन और कमीशन दिया जाता था, जबकि सुपरवाइजर को 30 हजार रुपए के साथ ठगी गई रकम का प्रतिशत मिलता था।
आरोपी अलग-अलग ग्रुप बनाकर काम करते थे—
- कॉलिंग ग्रुप: विदेशों, खासकर अमेरिका के लोगों को कॉल कर सस्ते लोन और सिबिल स्कोर सुधारने का लालच देते थे।
- डिपॉजिट ग्रुप: लोगों की बैंक डिटेल लेकर भरोसा जीतते थे।
- टेक्निकल ग्रुप: क्लोन चेक के जरिए पीड़ित के खाते में छोटी रकम डालकर भरोसा बनाते थे।
- रिडीम ग्रुप: गिफ्ट कार्ड (एप्पल, गूगल, अमेजन आदि) के जरिए रकम वापस मंगाकर उसे कैश में बदलते थे।
- हवाला नेटवर्क: ठगी की रकम अहमदाबाद में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचाई जाती थी।
आरोपी पीड़ितों को फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाकर डराते थे और तुरंत पैसे देने के लिए दबाव बनाते थे। प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और बीमा के नाम पर भी ठगी की जाती थी।
एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने थाना गंज क्षेत्र के सुभाष नगर स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेंद्र नगर के अंजनी टॉवर में एक साथ छापा मारा। मौके पर कई लोग कंप्यूटर और लैपटॉप पर ठगी का काम करते पकड़े गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जब्त किया—
- 67 मोबाइल फोन
- 18 लैपटॉप
- 28 कंप्यूटर सेट
- 3 वाई-फाई राउटर
कुल जब्ती करीब 16.53 लाख रुपए आंकी गई है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
👉 पुलिस का कहना है कि यह गिरोह देश-विदेश में फैले बड़े नेटवर्क से जुड़ा है और मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।



