धमतरी, 28 अप्रैल 2026। भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर से जुड़े ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। देर रात तक चली जांच के बाद मंगलवार सुबह ईडी की टीम महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लौट गई।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने धमतरी में रोशन चंद्राकर के निवास के साथ-साथ पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के रिश्तेदार भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर भी छापेमारी की। भूपेंद्र चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अभनपुर सहित कई तहसीलों में अपने करीबियों को करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलाने में भूमिका निभाई।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बताया जा रहा है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में करीब तीन साल पहले भी रोशन चंद्राकर के यहां ईडी ने छापा मारा था, जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
क्या है पूरा मामला?
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का आरोप है। जांच में सामने आया है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया।
अधिकारियों-दलालों की मिलीभगत उजागर
ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच में खुलासा हुआ है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों (SDM, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से एक ही जमीन को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया।
चार्जशीट और गिरफ्तारी
मामले में अब तक कई ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच की जा चुकी है और लाखों रुपए नकद जब्त किए गए हैं। तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू समेत कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, EOW ने 10 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
आगे और बड़े खुलासे संभव
ईडी की इस ताजा कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है और आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



