लखनऊ, 11 मई 2026

आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर ChatGPT और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी टिकट बनाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर से दुर्ग (छत्तीसगढ़) के 4 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई यूपी पुलिस की साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से की।
पकड़े गए आरोपियों में श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल हैं। इनके पास से 15 फर्जी IPL टिकट, प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और प्रिंटिंग सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकट की फोटो डाउनलोड कर CorelDRAW से हूबहू नकली टिकट तैयार करते थे। इसके लिए उन्होंने ChatGPT और यूट्यूब की मदद से डिजाइनिंग और प्रिंटिंग तकनीक भी सीखी थी।
7 मई को लखनऊ सुपर जॉइंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच के दौरान इन्होंने एक दर्शक को 1000 रुपये में फर्जी टिकट बेच दिया, जो स्कैनिंग के दौरान नकली पाया गया।
पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने UPI ट्रांजैक्शन ट्रेस कर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और लखनऊ के दोदनखेड़ा इलाके से गिरफ्तारी की।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुका था, लेकिन सफल नहीं हुआ था। बाद में तकनीक सुधारकर लखनऊ में वारदात को अंजाम दिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और जल्दी पैसा कमाने के लालच में उन्होंने यह साजिश रची। गिरोह का मास्टरमाइंड श्रीकांत बोरकर बताया जा रहा है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह का नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हुआ है और क्या और भी लोग इसमें शामिल हैं।



