नेशनल डेस्क
लेह, 23 मई 2026

लद्दाख के लेह स्थित तांगतसे सेक्टर में भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार दो पायलट और डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता घायल हो गए। सभी घायलों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लेह के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना 20 मई को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास श्योक नदी क्षेत्र में हुई थी। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर अचानक नियंत्रण खो बैठा और पहाड़ी इलाके में जा गिरा। घटना के तुरंत बाद सेना और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
सूत्रों के अनुसार हादसे के समय हेलीकॉप्टर में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी सवार थे। दुर्घटना में पायलटों को भी चोटें आई हैं। हालांकि सेना ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
भारतीय सेना ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, खराब मौसम, ऊंचाई वाले इलाके की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों या लैंडिंग के दौरान किसी दिक्कत की वजह से हुई।
गौरतलब है कि लद्दाख का इलाका अत्यधिक ऊंचाई और कठिन मौसम के कारण उड़ान संचालन के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। भारतीय सेना के चीता हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल मुख्य रूप से सैनिकों और जरूरी सामान की ढुलाई, निगरानी और इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए किया जाता है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र में सेना के हेलीकॉप्टर लगातार ऑपरेशनल गतिविधियों में लगे रहते हैं, इसलिए इस हादसे को सेना गंभीरता से ले रही है।



