6 Jun 2026, Sat
Breaking

धान के कटोरे से डिजिटल खेती की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़: दिल्ली सम्मेलन में रामविचार नेताम ने रखी ‘नवा अंजोर विजन 2047’ की रणनीति

सतीश शर्मा

रायपुर, 29 मई 2026/ धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘नवा अंजोर विजन 2047’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केंद्रीय कृषि विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘नवा अंजोर विजन 2047’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत तथा 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।

 

 

राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।

पढ़ें   एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: पटवारी ने मांगे 15 हजार तो बाबू ने 10 हजार, ACB ने दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती के तहत 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जा चुका है, जिसमें 461 क्लस्टर्स और 922 कृषि सखियों की मदद ली जा रही है। सॉइल हेल्थ के तहत वर्ष 2025-26 में 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ने के लिए राज्य के 126 पीएम श्री स्कूलों में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) स्थापित की जा चुकी हैं।

स्मार्ट इरिगेशन के तहत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना में सूक्ष्म सिंचाई और लागत कम करने के लिए ड्रोन तकनीकइंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (फसल + पशुपालन + मत्स्य + केंटकी) को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम किसान और पीएम फसल बीमा योजना के डेटा को इंटीग्रेट करके जून से जुलाई 2026 तक विशेष केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) अभियान चलाया जाना प्रस्तावित है। वहीं पीएम आशा योजना के अंतर्गत दलहन और तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने की तैयारी है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय मंच के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष कृषि विकास की गति को और तेज करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव और अपेक्षाएं भी रखी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धान प्रधान राज्य होने के कारण फसल विविधीकरण को गति देने के लिए केंद्र से एक पृथक प्रोत्साहन नीति की मांग की गई है। साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती के उत्पादों के लिए अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करने की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई।

पढ़ें   रायपुर में ऑयल फैक्ट्री में भीषण आग: उरकुरा रेलवे स्टेशन के पास हादसा, कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

मंत्री रामविचार नेताम ने सम्मेलन में सप्लाई प्लान और खाद सब्सिडी के तहत उर्वरकों की समय पर उपलब्धता के लिए माहवार सप्लाई प्लान के अनुसार खाद प्रदाय की मांग के साथ ही डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में एनपीके की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को छोटे किसानों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान किया जाए। वहीं उर्वरकों की अत्यधिक खपत और बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों की 25 किलोग्राम की छोटी बोरी तैयार की जानी अपेक्षित है। साथ ही राज्य के आदिवासी बाहुल्य और वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए विशेष कृषि विकास पैकेज तथा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तकनीकी व आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता प्रदान किए जाने की मांग भी की गई।

इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव, संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी लोकेश चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Share

 

 

 

 

 

By Desk

Media24 News is an online news portal based in Raipur, Chhattisgarh, India. It publishes local and regional news, covering a wide range of topics including politics, crime, social issues, development, events, and community stories from across Chhattisgarh. The website provides regularly updated news content in Hindi, aimed at informing the public with timely and relevant reports from the state’s districts and cities like Raipur, Durg, Mahasamund and others. This newsroom focuses on grassroots journalism and regional happenings, serving audiences who want updates about local governance, public affairs, social developments, and community issues specific to Chhattisgarh. The platform is designed to meet the news needs of its readers with frequent headlines and local reporting, helping citizens stay informed about events and issues close to their daily lives.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed