खैरागढ़, 30 मई 2026
जिले में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया, गंदगी मिलने पर एक जूस सेंटर बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में केले जब्त किए गए।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान का नेतृत्व अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे और उनकी टीम ने जिले के विभिन्न फल बाजारों, मंडियों और दुकानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में करीब 20 किलो सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर नष्ट कराए गए। वहीं एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण दुकान को तत्काल बंद करा दिया गया। इसके अलावा इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज भी नष्ट किए गए।
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई 29 मई को गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक-7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में हुई। जांच के दौरान बिना खाद्य पंजीयन के हानिकारक रसायनों से फल पकाने का मामला सामने आया। टीम ने छापेमारी के दौरान गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे केमिकल बरामद किए।
अधिकारियों ने कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं अस्वच्छ तरीके से रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है।
अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने, रसायनों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



