20 किमी अंदर एडजूम-आदेर सिओबी तक पहुंचकर वीर जवानों को किया नमन, कहा— राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं सुरक्षा बल
नारायणपुर, 01 जून 2026। कभी माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अबूझमाड़ के एडजूम और आदेर-सिओबी क्षेत्र में रविवार को एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। आध्यात्मिक संत एवं समाजसेवी डॉ. प्रेमा साई महाराज ओरछा ब्लॉक मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर अंदर दुर्गम जंगलों तक पहुंचे और वहां तैनात आईटीबीपी के जवानों का सम्मान कर उनके शौर्य, समर्पण और राष्ट्रसेवा को नमन किया।

घने जंगलों, कठिन पहाड़ी रास्तों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को पार कर सुरक्षा बलों के कैंप पहुंचे डॉ. प्रेमा साई महाराज ने जवानों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं से लेकर जंगलों तक देश की सुरक्षा में जुटे जवान भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके त्याग व बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं।
गौरतलब है कि एडजूम और आदेर-सिओबी वही क्षेत्र है, जहां कभी कुख्यात माओवादी नेता बसवा राजू सहित कई बड़े नक्सलियों का प्रभाव रहा था। सुरक्षा बलों की सफल कार्रवाई के बाद यह इलाका राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। आज उसी क्षेत्र में जवानों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश गूंजना बदलते अबूझमाड़ की नई तस्वीर पेश कर रहा है।
डॉ. प्रेमा साई महाराज ने कहा कि समाज को भी देश की सुरक्षा में लगे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस को प्रणाम करते हुए कहा कि कठिनतम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना असाधारण समर्पण का परिचायक है।
यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक बना, जो अपने परिवारों से दूर रहकर दिन-रात राष्ट्र की रक्षा में समर्पित हैं। बदलते अबूझमाड़ से निकला यह संदेश विकास, विश्वास और राष्ट्रभक्ति की नई कहानी को मजबूती देता नजर आया।



