सतीश शर्मा
रायपुर, 14 जून 2026। रविवार को प्रदेश कुंनबी समाज महासंघ द्वारा आयोजित भव्य सामाजिक महापंचायत, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह रायपुर के सिविल लाइन स्थित वृंदावन हॉल में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए वरिष्ठजन, पदाधिकारी, महिला एवं युवा प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने सहभागिता कर संगठन की एकजुटता का परिचय दिया।

कार्यक्रम के दौरान चुनाव अधिकारी एस.एस. ब्राह्मणकर एवं जे.एन. गोंधुड़े द्वारा नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर रंजीतभाऊ मुनेश्वर को पुनः प्रदेश अध्यक्ष तथा सारिका गेडेकर को महिला प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। दोनों ने समाजहित, संगठन विस्तार एवं सामाजिक उत्थान के लिए निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
अपने उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष रंजीतभाऊ मुनेश्वर ने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा, संगठन और जागरूकता से ही संभव है। महिला प्रदेश अध्यक्ष सारिका गेडेकर ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को समाज की शक्ति बताया और उन्हें सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
महापंचायत में भाटापारा, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, डोंगरगढ़ सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और समाज विकास हेतु सुझाव दिए। इस दौरान समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आठ विभिन्न समितियों का गठन किया गया, जिनमें रक्तदान, शिक्षा, युवा विकास, महिला सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख रहीं।
समारोह में प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया गया। समाजसेवी मुरलीधर झलके को “कुंनबी रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। वहीं “कुंनबी गौरव सम्मान” प्रेमभाऊ बोहरे, वनिता कुथे एवं हेमलता शिवनकर को प्रदान किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को भी सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उमेश घोरमोड़े उपस्थित रहे। साथ ही संरक्षक मंडल एवं अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं जिला पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंच संचालन हेमराज हाथीमारे एवं गोपालराव कुथे द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन कृष्णकुमार ब्राह्मणकर ने किया।
अंत में सामाजिक एकता, समरसता, शिक्षा, सेवा एवं संगठनात्मक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक अवसर के रूप में दर्ज किया गया।




