26 Sep 2026, Sat
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किसकोड़ो में बदली तस्वीर: जहां लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं विजय शर्मा ने लगाई जनचौपाल, बोले—’अब विकास ही पहचान’

सतीश शर्मा 

रायपुर, 27 जून 2026/ कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुने। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है, वह अविश्वसनीय है।

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उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे “भारत माता की जय” के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है। आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए।

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इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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