28 Sep 2026, Mon

धरमजयगढ़ में हाथी क्षेत्र से गुजर रही 33 केवी लाइन पर हाईकोर्ट सख्त: केंद्र-राज्य सरकार और बिजली कंपनी को नोटिस, मांगा जवाब

बिलासपुर, 30 जून। रायगढ़ जिले के हाथी प्रभावित धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन विस्तार को लेकर दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित बिजली कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी।

एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश

सुनवाई के दौरान राज्य और केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ताओं ने नोटिस स्वीकार किया। निजी कंपनी की ओर से पहले ही जवाब प्रस्तुत किए जाने की जानकारी कोर्ट को दी गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) दाखिल करने की अनुमति दी गई है।

वन स्वीकृति के बिना निर्माण का आरोप

जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम भालूपखना स्थित धनबादा पावर की 7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना के लिए आवश्यक वन स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना वन एवं राजस्व भूमि पर गैर-वानिकी गतिविधियां संचालित की गईं।

याचिका के अनुसार, भालूपखना से चरखापारा तक 11 केवी लाइन के नवीनीकरण के दौरान लगाए गए सीएसपीडीसीएल के पोलों का उपयोग निजी परियोजना की 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन के लिए भी किया गया, ताकि अलग से वन भूमि डायवर्सन और अन्य वैधानिक अनुमतियों की प्रक्रिया से बचा जा सके।

अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि परियोजना प्रबंधन ने आवश्यक अनुमतियां मिलने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया। साथ ही विद्युत विभाग के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी संसाधनों का उपयोग निजी परियोजना के हित में किए जाने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

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पहले भी खारिज हो चुकी थी याचिका

इसी मामले में पहले दायर जनहित याचिका को सुरक्षा राशि जमा करने से छूट नहीं मिलने के कारण 7 मई 2026 को खारिज कर दिया गया था। हालांकि हाईकोर्ट ने नियमों के अनुसार सुरक्षा राशि जमा कर नई याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता विवेक कुमार पांडेय ने नई जनहित याचिका दाखिल की, जिस पर अब सुनवाई जारी है।

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