4 Jul 2026, Sat

CG में मदरसा बोर्ड खत्म करने की मांग: डॉ. सलीम राज ने CM साय को लिखा पत्र, बोले—उत्तराखंड मॉडल हो लागू

सतीश शर्मा

रायपुर, 04 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने और उसकी जगह छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित करने की मांग की है। उन्होंने उत्तराखंड की तर्ज पर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर और कौशल विकास को भी शामिल किया जाना चाहिए।

डॉ. सलीम राज ने पत्र में कहा कि वर्तमान में मदरसा बोर्ड के अंतर्गत संचालित कई मदरसों में आधुनिक शिक्षा का अभाव है। राज्य सरकार हर वर्ष अनुदान देती है, लेकिन उसका अपेक्षित लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अधिकांश छात्र केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित रह जाते हैं, जबकि उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

 

 

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा शिक्षा परिषद को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जिसका उद्देश्य मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। इसी मॉडल को छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की मांग की गई है।

418 मदरसों का किया उल्लेख

पत्र में बताया गया है कि प्रदेश में करीब 418 मदरसे संचालित हैं। इनमें कुछ मदरसे छात्रविहीन हैं, जबकि कई संस्थानों में केवल धार्मिक शिक्षा ही दी जा रही है। आधुनिक पाठ्यक्रम और तकनीकी शिक्षा की कमी के कारण विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।

विद्यालयी शिक्षा परिषद से जोड़ने का सुझाव

डॉ. सलीम राज ने सुझाव दिया कि मदरसों को विद्यालयी शिक्षा परिषद से जोड़ा जाए और पाठ्यक्रम तय करने के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाए। इससे धार्मिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और अन्य आधुनिक विषयों का समावेश हो सकेगा। उनका कहना है कि इससे छात्रों को उच्च शिक्षा, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे।

पढ़ें   भाटापारा में शराब और जुए के खिलाफ उतरीं महिलाएं – असामाजिक तत्वों ने गुलाबी गैंग पर किया हमला, दो घायल, 70 से ज्यादा महिलाएं पहुंचीं थाने

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश में मदरसा बोर्ड की जगह छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर मुस्लिम विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *