10 Jul 2026, Fri

DMF से बदलेगी गांवों की तस्वीर: टंक राम वर्मा का बड़ा ऐलान, स्कूलों में प्रार्थना शेड और स्वास्थ्य केंद्रों को मिलेगी नई पहचान

सतीश शर्मा

रायपुर, 10 जुलाई 2026। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कायाकल्प किया जा रहा है। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड को DMF से दो बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने ग्रामीण स्कूलों में ‘प्रार्थना शेड’ और जांगड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण को मंजूरी दी है।

ग्राम परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रार्थना शेड’ निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 10 लाख रुपये, यानी कुल 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण स्कूलों में प्रार्थना सभा, बालसभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद जैसी गतिविधियां अक्सर खुले मैदान में आयोजित होती हैं, जिससे बच्चों को तेज धूप, बारिश और ठंड का सामना करना पड़ता है। नया प्रार्थना शेड सुबह की प्रार्थना के साथ-साथ बालसभा, सांस्कृतिक आयोजनों और परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए भी उपयोगी होगा।

 

 

मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होने से सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का भरोसा और आकर्षण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि गांवों के स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी हैं। खनिज संसाधनों का उपयोग स्थानीय लोगों के जीवनस्तर में सुधार के लिए किया जा रहा है।

पढ़ें   कुम्हारी हादसे पर CM विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख सहायता राशि का ऐलान

सुदृढ़ स्वास्थ्य अधोसंरचना: जांगड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र को 7 लाख रुपये

सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र में बाउंड्री वॉल (अहाता) निर्माण के लिए 7 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। वर्तमान में खुला परिसर होने के कारण मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बाउंड्री वॉल बनने से अस्पताल परिसर अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा तथा ग्रामीणों के लिए बैठने और रुकने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

जन-केंद्रित विकास और DMF का प्रभावी उपयोग

मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को विकास के तीन प्रमुख स्तंभ मानते हुए समान प्राथमिकता के साथ मजबूत कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास को केवल शहरों तक सीमित न रखकर सुदूर गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि DMF से प्राप्त संसाधनों का उपयोग स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और उनके जीवनस्तर को बेहतर बनाने में किया जा रहा है, ताकि गांवों का हर बच्चा और नागरिक आधुनिक सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *