25 Aug 2026, Tue
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सनातन संस्कृति और आस्था का महापर्व ‘जोहार जगन्नाथ’, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पोस्टर का किया विमोचन, प्रदेश की समृद्धि का लिया संकल्प

• ‘जोहार जगन्नाथ’ के संदेश को मिला उपमुख्यमंत्री का संबल, विजय शर्मा ने किया पोस्टर विमोचन

रायपुर, 11 जुलाई 2026

भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति, आस्था और सनातन सांस्कृतिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम को उस समय नई ऊर्जा मिली, जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और निरंतर विकास की कामना की।

 

 

पोस्टर विमोचन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। उन्होंने “जोहार जगन्नाथ” जैसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर का प्रतिनिधिमंडल ए.टी. पैलेस, कोतवाली चौक स्थित भगवान श्री जगन्नाथ के दरबार पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की उन्नति, व्यापारी वर्ग की निरंतर प्रगति, व्यापार एवं उद्योग की समृद्धि तथा प्रदेशवासियों के सुखद एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

कार्यक्रम में अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया, डायरेक्टर नितिन बरड़िया, चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी सहित चेम्बर के पदाधिकारी, व्यापारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्री जगन्नाथ की महाआरती, पुष्पांजलि और पूजा-अर्चना कर प्रदेश में शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, व्यापार एवं उद्योग की निरंतर उन्नति और जनकल्याण की मंगलकामना की।

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गौरतलब है कि “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन, महाआरती और महाप्रसाद का लाभ लेकर अपनी आस्था और श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। यह आयोजन राजधानी में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

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