16 Oct 2026, Fri
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महाराष्ट्र में NCP पर BJP का बड़ा दांव: दोनों गुटों के विलय के बाद ही मिलेगी NDA में एंट्री, परिसीमन बिल बना सबसे बड़ा कारण

 

 

 

नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साफ कर दिया है कि यदि एनसीपी के दोनों धड़े राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो पहले उन्हें आपस में विलय करना होगा। भाजपा अलग-अलग गुटों को एनडीए में शामिल करने के पक्ष में नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा की यह रणनीति परिसीमन (Delimitation) बिल को ध्यान में रखकर बनाई गई है। माना जा रहा है कि शरद पवार गुट इस विधेयक पर नरम रुख अपना सकता है। इस गुट के पास आठ लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद हैं, जिनका समर्थन बिल पारित कराने में अहम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा चाहती है कि पहले शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले दोनों गुट एकजुट हों, उसके बाद ही एनडीए में उनकी औपचारिक एंट्री पर फैसला लिया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि एनसीपी का भाजपा में विलय नहीं होगा, बल्कि वह एक सहयोगी दल के रूप में गठबंधन में शामिल हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, यदि दोनों धड़ों का विलय सफल होता है तो भविष्य में दोनों पक्षों को प्रतिनिधित्व देने के लिए एक-एक मंत्री पद भी दिया जा सकता है।

इधर, एनसीपी (शरद पवार) के संभावित एनडीए समर्थन की चर्चाओं से सुनेत्रा पवार के असहज होने की भी खबर है। हाल ही में शरद पवार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात के बाद इन अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है।

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हालांकि, शरद पवार ने फिलहाल इन चर्चाओं पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। उनका कहना है कि अभी इस विषय पर चर्चा करने का उचित समय नहीं है।

फिलहाल भाजपा और एनसीपी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन महाराष्ट्र की सियासत में इसे आने वाले दिनों का बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

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