सतीश शर्मा
रायपुर, 25 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती परीक्षा के कथित पर्चा लीक और भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने इस मामले में ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पहले से दर्ज भ्रष्टाचार और पेपर लीक से जुड़े मूल मामले के आधार पर की जा रही है।
मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को पूछताछ के लिए ED गिरफ्तार करेगी। इसके लिए विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है। वर्तमान में टामन सिंह सोनवानी रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
प्रोडक्शन वारंट के आधार पर ED टामन सिंह सोनवानी को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में पेश करेगी। पूछताछ के लिए एजेंसी उनकी कस्टोडियल रिमांड भी मांग सकती है, ताकि कथित मनी ट्रेल, अवैध लेन-देन और भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की गहन जांच की जा सके।
गौरतलब है कि CGPSC भर्ती घोटाले की जांच पहले से केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं, प्रश्नपत्र लीक और अवैध आर्थिक लेन-देन के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। अब ED की एंट्री के बाद मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच और तेज होने की संभावना है।





