नवा रायपुर, 28 जुलाई 2026
कलिंगा विश्वविद्यालय में तीन दिनों तक चला अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन IEEE Kalinga Conference on Communication and Computing (KalingaConf 2026) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 24 से 26 जुलाई तक आयोजित इस सम्मेलन में भारत समेत कई देशों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य की तकनीकों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।

IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन के तकनीकी प्रायोजन में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य नई तकनीकों में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना था। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में शोध आधारित शिक्षा और नवाचार ही भविष्य के सक्षम इंजीनियर तैयार करेंगे। वहीं उपकुलपति डॉ. मोनिका शर्मा सेठी ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को वैश्विक ज्ञान और शोध साझेदारी का प्रभावी मंच बताया।

सम्मेलन की जनरल चेयर एवं IEEE स्टूडेंट ब्रांच काउंसलर डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादार ने बताया कि दुनिया भर से 28 से अधिक तकनीकी ट्रैकों में 2,165 से ज्यादा शोध-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से 389 विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा मूल्यांकन के बाद 170 शोध-पत्रों का चयन प्रस्तुति के लिए किया गया। सम्मेलन के दौरान शोध-पत्रों पर तकनीकी चर्चाओं के साथ नेटवर्किंग और सहयोग के नए अवसर भी बने।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स का विमोचन रहा। तीन दिनों तक अमेरिका सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने डेटा गवर्नेंस, IoT, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी पर विशेष व्याख्यान दिए।
समापन अवसर पर आयोजकों ने कहा कि KalingaConf 2026 ने शोध और नवाचार को वैश्विक मंच प्रदान करते हुए विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को नई तकनीकों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति, विशेषज्ञ समीक्षकों, सेशन चेयर्स, IEEE स्टूडेंट ब्रांच के स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





