रायपुर, 28 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने मनरेगा (MGNREGA) के तहत वर्ष 2006-07 और 2007-08 में सामग्री खरीदी में हुई कथित ₹1.69 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के मामले में कांकेर जिला पंचायत के बर्खास्त पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित 8 पूर्व पंचायत अधिकारियों के खिलाफ 6,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

यह चार्जशीट 27 जुलाई को कांकेर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में अपराध क्रमांक 31/2008 के तहत प्रस्तुत की गई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B, 409 और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
EOW की जांच के अनुसार, ₹1.69 करोड़ की सामग्री निर्धारित टेंडर प्रक्रिया और खरीद नियमों का उल्लंघन कर खरीदी गई। जांच में सामने आया कि सरकार के नियमों के अनुसार जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों को स्वतंत्र रूप से सामग्री खरीदने का अधिकार था, लेकिन खरीद को कथित रूप से जिला स्तर पर केंद्रीकृत कर दिया गया।
जांच में फ्लेक्स बोर्ड, मस्टर रोल सत्यापन रजिस्टर, रोजगार गारंटी मैनुअल, रोजगार रजिस्टर, फाइल कवर और श्रमिक सूचना अभिलेख समेत कई सामग्रियों की खरीद में अनियमितताएं पाई गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान छत्तीसगढ़ पंचायत (सामग्री एवं भंडार क्रय) नियम, छत्तीसगढ़ स्टोर परचेज नियम और छत्तीसगढ़ संवाद के माध्यम से निर्धारित खरीद प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया।
EOW का आरोप है कि तत्कालीन जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के CEO ने आपस में मिलीभगत कर अपने पद का दुरुपयोग किया और ₹1,69,14,247 की सरकारी राशि का कथित गबन एवं अनियमित व्यय कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
चार्जशीट में जिन आरोपियों के नाम शामिल हैं, वे हैं—
- के.पी. देवांगन, बर्खास्त पूर्व CEO, जिला पंचायत कांकेर
- राधाकांत कर, पूर्व CEO, जनपद पंचायत कांकेर
- गोवर्धन गजबल्ले, पूर्व CEO, जनपद पंचायत नरहरपुर
- परदेशी राम मरकाम, पूर्व CEO, जनपद पंचायत चारामा
- भरतराम नेताम, पूर्व CEO, जनपद पंचायत अंतागढ़
- रामकिशुन ध्रुव, पूर्व CEO, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा
- जी.आर. ठाकुर, पूर्व CEO, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर
- सांवलदास बघेल, पूर्व CEO, जनपद पंचायत दुर्गकोंदल
जांच में कांकेर जिला पंचायत में ₹39.90 लाख तथा सात जनपद पंचायतों में ₹1.29 करोड़ की अनियमितता पाई गई। इस प्रकार कुल कथित वित्तीय नुकसान ₹1.69 करोड़ आंका गया है।
EOW ने यह भी बताया कि बर्खास्त पूर्व CEO के.पी. देवांगन के खिलाफ पहले से भ्रष्टाचार के दो अन्य मामले भी दर्ज हैं। इनमें एक मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती में अनियमितता से जुड़ा है, जबकि दूसरा पद के दुरुपयोग और ₹8.44 करोड़ की सरकारी राशि में कथित अनियमितता से संबंधित है। इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।





