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स्मार्ट मीटर विवाद के बीच सरकार ने जारी किए आंकड़े: जुलाई में 32% घटी बिजली खपत, ऊर्जा बचत और योजना को बताया कारण

 

रायपुर, 03 अगस्त 2026/ रायपुर सिटी रीजन के जून एवं जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार एक माह में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अधिक बिजली उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ता वर्गों में खपत के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या में भी कमी आई है। 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23 प्रतिशत तथा उनकी कुल बिजली खपत में 38.13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99 प्रतिशत तथा बिजली खपत 32.58 प्रतिशत घटी है।

विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का सकारात्मक प्रभाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के स्वरूप में दिखाई दे रहा है। जून माह में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजना का लाभ मिल सके।

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आंकड़ों के अनुसार 0 से 100 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 53.12 प्रतिशत तथा 101 से 200 यूनिट श्रेणी में 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी का मौसम समाप्त होने, एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में कमी आने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी बिजली खपत में आई कमी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जुलाई माह में बिजली की मांग में कमी आई है और उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया यह परिवर्तन मुख्यतः मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति तथा राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का परिणाम है।

आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण यह भी दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की श्रेणी में आ गए हैं, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उपलब्ध तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर के संबंध में प्रचलित विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।

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