रायपुर, 14 अगस्त 2026। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा के खिलाफ कथित ₹1.76 करोड़ रिश्वत मामले में विशेष न्यायालय में 1500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है।
EOW ने 15 जून 2026 को शिकायतकर्ता राघवेंद्र तिवारी की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद 17 जून को भागीरथी वर्मा को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, वर्मा ने 2019 से 2023 के बीच अपने पद का कथित दुरुपयोग करते हुए विभिन्न नगरीय निकायों में टेंडर दिलाने और बिल पास कराने के बदले शिकायतकर्ता से 25 प्रतिशत कमीशन की मांग की।
8 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
EOW ने मामले की जांच के दौरान रायपुर और बिलासपुर में 6 तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में 2 स्थानों समेत कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी को दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिले।
जांच में सामने आया कि वर्मा ने कथित तौर पर 2019 से 2021-22 के बीच ₹1.68 करोड़ नकद और ₹7.77 लाख की कीमती वस्तुएं हासिल कीं। इसमें दो हीरे की अंगूठियां, ₹32.65 लाख नकद, तथा घर के लिए कथित तौर पर उपलब्ध कराए गए ₹3.39 लाख के टाइल्स और ग्रेनाइट शामिल हैं।
LED काम में भी कमीशन का आरोप
EOW के अनुसार, वर्ष 2020 में वर्मा को कथित तौर पर ₹42.65 लाख कमीशन मिला। बैंक और डिजिटल रिकॉर्ड में ₹2.10 लाख के लेनदेन तीसरे पक्ष के खातों में भी पाए गए।
वर्ष 2021-22 में ₹1.46 करोड़ की राशि से जैजैपुर, पुसौर, भोपालपट्टनम, नरहरपुर और कोंटा में हाई-मास्ट LED लगाने के कार्य स्वीकृत किए गए थे। शिकायतकर्ता की फर्म ने कोंटा, नरहरपुर और जैजैपुर में काम किया था।
आरोप है कि काम के बिल पास कराने के लिए वर्मा ने एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग की। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर उनके रायपुर स्थित अग्रोहा कॉलोनी के घर में 5 Lloyd AC, 2 स्मार्ट पंखे और LED लाइटें उपलब्ध कराईं। जांच के दौरान इनके घर में लगे होने की पुष्टि भी की गई।
EOW ने यह भी आरोप लगाया कि इसी अवधि में वर्मा को ₹93.22 लाख नकद और ₹69,400 की दो सोने की अंगूठियां मिलीं।
अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
EOW ने बताया कि मामले में अवैध धन के लेनदेन और अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है। एजेंसी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच कर रही है।





