रायपुर, 24 अगस्त 2026। वामन वृक्ष कला (बोनसाई आर्ट) एवं भारतीय उद्यान कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर के अनिल वर्मा को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वामन वृक्ष कला के संरक्षण एवं संवर्धन, प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा भारतीय उद्यान कला के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान के लिए प्रदान किया गया।
15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के NDMC Convention Centre में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में अनिल वर्मा को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। Yogdhaamm Shara Smriti Foundation (YSS India) की ओर से दिए गए इस सम्मान के लिए उनका चयन बोनसाई आर्ट एवं भारतीय उद्यान कला के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं और उपलब्धियों को देखते हुए किया गया।

अनिल वर्मा लंबे समय से बोनसाई कला के संरक्षण, प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य पौधों को कलात्मक रूप देने के साथ-साथ बोनसाई के माध्यम से लोगों में प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय उद्यान परंपरा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उनके वर्षों के समर्पण और साधना की पहचान है। उनकी उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की वामन वृक्ष कला एवं भारतीय उद्यान कला को भी नई पहचान मिली है। यह सम्मान युवा पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ बोनसाई कला के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





