रायपुर, 02 सितंबर 2026। AIIMS रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में बुधवार को भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने युवा डॉक्टरों को चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता के साथ करुणा, सहानुभूति, ईमानदारी और समावेशिता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखते रहना चाहिए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा टेलीमेडिसिन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग समाज की बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए करना चाहिए।
स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित तीसरे दीक्षांत समारोह में विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं, शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

चिकित्सा सिर्फ तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में व्यावसायिक उत्कृष्टता केवल ज्ञान और तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं होनी चाहिए। एक अच्छे चिकित्सक के लिए मरीजों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवा डॉक्टरों से कहा कि वे अपने ज्ञान को लगातार अपडेट करते रहें और AI, टेलीमेडिसिन तथा अन्य उभरती तकनीकों को अपनाएं। इन तकनीकों के माध्यम से दूरदराज और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
AIIMS रायपुर की उपलब्धियों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में AIIMS रायपुर के योगदान की सराहना की। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों को नई पेशेवर यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।
समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
NIRF में 36वीं रैंक का किया उल्लेख
राज्यपाल रमेन डेका ने स्नातकों को शुभकामनाएं देते हुए AIIMS रायपुर को चिकित्सा शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में उभरता हुआ उत्कृष्ट संस्थान बताया। उन्होंने संस्थान की NIRF रैंकिंग में 36वीं स्थिति और Newsweek World’s Best Hospitals 2026 में मिली पहचान का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां AIIMS रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं। राज्यपाल ने संस्थान के आधुनिक बुनियादी ढांचे, अत्याधुनिक तकनीक, मरीज-केंद्रित देखभाल और आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की भी सराहना की।
अनुप्रिया पटेल ने preventive healthcare पर दिया जोर
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी स्नातकों को बधाई दी। उन्होंने आयुष्मान भारत, PM-JAY, ABHA और e-Sanjeevani जैसी स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए डॉक्टरों से व्यावसायिक उत्कृष्टता के साथ करुणा और नैतिकता को अपनाने की अपील की।
उन्होंने युवा डॉक्टरों से निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और वंचित समुदायों की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
AIIMS रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि AIIMS रायपुर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्नातकों से अपने पेशेवर ज्ञान और कौशल को मानवता और राष्ट्र की सेवा में लगाने का आग्रह किया।
इस दीक्षांत समारोह के साथ 689 विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा क्षेत्र में नई पेशेवर यात्रा की शुरुआत हुई। समारोह में युवा डॉक्टरों को ज्ञान, करुणा, तकनीक और उत्कृष्टता के साथ समाज एवं मानवता की सेवा करने का संदेश दिया गया।





