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रायगढ़ में अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, खैर-तेंदू की अवैध कटाई और फर्जी परमिट से कारोबार, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 04 सितम्बर 2026

रायगढ़ जिले में पुलिस और वन विभाग ने अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह पर खैर और तेंदू पेड़ों की अवैध कटाई, भंडारण और तस्करी का आरोप है।

गिरोह ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय था। मुख्य आरोपी रोहित मित्तल ने घरघुमरिया में गोदाम किराए पर लिया था, जहां धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन परिक्षेत्र से स्थानीय ग्रामीणों को लालच देकर कटवाए गए पेड़ की लकड़ियां जमा की जाती थीं।

रोहित मित्तल ने कारोबारी साझेदार मनीष अग्रवाल और ट्रांसपोर्टरों भरत कुमार मेस्राम व सलाउद्दीन खान के साथ मिलकर लकड़ी को हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भेजा। इसके लिए फर्जी परिवहन परमिट का इस्तेमाल किया जाता था और लकड़ी को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और संगठित अपराध से संबंधित धाराओं के साथ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं आरोपी भरत कुमार मेस्राम फरार है।

वन विभाग को मई 2025 में जमटीकरा (घरघुमरिया) स्थित एक गोदाम में अवैध लकड़ी रखे होने की सूचना मिली थी। यह गोदाम नरेश अग्रवाल से रोहित मित्तल ने किराए पर लिया था। 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने छापा मारकर CG 15 DV-7577 ट्रक से तेंदू की 42 लकड़ियां (1.731 घन मीटर) बरामद कीं।

इसके अलावा मौके से तेंदू और खैर की 146 लकड़ियां (6.741 घन मीटर), जलाऊ लकड़ी के 9 ढेर, लकड़ी काटने की मशीन, कांटा, कुल्हाड़ी और हथौड़े भी जब्त किए गए।

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आरोपियों ने शुरुआत में परिवहन परमिट पेश किया था, लेकिन उसमें रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के आधिकारिक हस्ताक्षर नहीं थे। जांच में परमिट फर्जी पाया गया। इसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा ने 2 सितंबर 2026 को जूटमिल थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले की जांच के लिए CSP मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। टीम ने 3 सितंबर को कई स्थानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को पकड़ा और उनकी संलिप्तता से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए। पुलिस की टीमें अब फरार आरोपी भरत कुमार मेस्राम की तलाश में जुटी हैं।

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