बिलासपुर, 14 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के ‘वनवासी’ वाले बयान पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं या नहीं, इसका प्रमाण पत्र देने का अधिकार कांग्रेस को नहीं है। जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कांग्रेस के किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सोमवार को भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में सेवा पखवाड़े के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा सेवा, सुशासन और जनकल्याण का संदेश जनता तक पहुंचाएगी।

बैज के बयान पर कौशिक का पलटवार
दीपक बैज के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ‘वनवासी’ बताए जाने पर कौशिक ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जनता ने चुनाव में अपना निर्णय दिया है। मुख्यमंत्री साय की पहचान को लेकर कांग्रेस को प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर साधा निशाना
कांग्रेस के संभाग स्तरीय सृजन एवं प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी कौशिक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस को पहले अपने कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास करना सिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं को यह बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारी है।
शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला
शराब घोटाले के आरोपों पर भी कौशिक ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय बने शराब सिंडिकेट को भाजपा सरकार ने खत्म किया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था में बदलाव कर शराब कारोबार में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है।
सेवा पखवाड़े में होंगे कई कार्यक्रम
कौशिक के मुताबिक सेवा पखवाड़े के दौरान दीप प्रज्वलन, स्कूलों में चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता, नाटक, ‘सेवा की कहानियां’, सेवा ज्योति कलश यात्रा और पदयात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा करीब 250 बाइकर्स का जत्था बनारस जाएगा और वहां भगवान का जलाभिषेक करेगा। ‘सुशासन संवाद’ के माध्यम से पंचायत से संसद तक लोगों को जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।




