गरियाबंद, 21 सितम्बर 2026
गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने वाले 17 गांवों के स्वैच्छिक विस्थापन की प्रक्रिया तेज हो गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक में पुनर्वास और विस्थापन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में देवझर, अमली और जुगाड़ गांव के ग्रामीणों ने स्वेच्छा से विस्थापन के लिए सहमति जताई। प्रशासन के अनुसार इच्छुक परिवारों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन अगले 45 दिनों में पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्थापन की प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और किसी परिवार पर जबरदस्ती नहीं की जाएगी। पुनर्वास स्थल पर परिवारों को मकान, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

इस पहल का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय आदिवासी परिवारों के बेहतर पुनर्वास के बीच संतुलन कायम करना है। प्रशासन और टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा आगे की प्रक्रिया सहमति और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर पूरी की जाएगी।




