अंबिकापुर, 29 सितम्बर 2026
अंबिकापुर में पुलिस ने जमशेदपुर के एक रेस्टोरेंट में 11 राउंड फायरिंग के मामले में फरार चल रहे चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। झारखंड पुलिस से मिले इनपुट के बाद सरगुजा पुलिस ने रविवार रात मणिपुर थाना क्षेत्र में नाकेबंदी कर अर्टिगा कार सवार चारों आरोपितों को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए थे। शुरुआती जांच में जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी के वर्चस्व को फायरिंग की वजह बताया जा रहा है।

ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे थे
फायरिंग के बाद आरोपित चारपहिया वाहन से ओडिशा की ओर भाग गए थे। झारखंड पुलिस को तकनीकी जांच के दौरान उनके बिलासपुर के रास्ते अंबिकापुर पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद सरगुजा पुलिस ने जिले में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
मणिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को एक संदिग्ध अर्टिगा कार दिखाई दी। नंबर और हुलिए के आधार पर वाहन को रोककर जांच की गई। कार में चार युवक सवार थे। पूछताछ में उनकी पहचान रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू, मनोज उर्फ भन्दू सरकार, दीपू ओझा और शंकर मुंडा के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में चारों ने जमशेदपुर के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
चारों आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू (50), मनोज उर्फ भन्दू सरकार (53), दीपू ओझा (35) और शंकर मुंडा (42) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि चारों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वे जमशेदपुर के एक आपराधिक गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।
आरोपितों के कब्जे से अर्टिगा कार क्रमांक JH 05 EA 7928 जब्त की गई है।
ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर ले गई पुलिस
गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद जमशेदपुर पुलिस सोमवार को अंबिकापुर पहुंची। आरोपितों को स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद जमशेदपुर पुलिस चारों आरोपितों और जब्त वाहन को लेकर वापस रवाना हो गई।
मामले में जमशेदपुर के सोनारी थाना में बीएनएस की धारा 109, 111(2)(बी), 3(5), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत केस दर्ज किया गया है।
जमीन और रेलवे ठेकेदारी के विवाद की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में फायरिंग के पीछे जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी की साजिश किसने रची, फायरिंग करने वाले बदमाशों को किसने भेजा और हथियारों समेत अन्य व्यवस्थाएं किसने की थीं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।




