दुर्ग, 03 अक्टूबर 2026। अंजोरा स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजभवन ने हस्तक्षेप किया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में भर्ती, नियुक्ति और साक्षात्कार की प्रक्रिया को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
राजभवन के आदेश के मुताबिक, विश्वविद्यालय में भवन निर्माण और रखरखाव कार्यों के साथ-साथ शैक्षणिक पदों पर भर्ती में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने मामले की जांच की प्रगति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
इससे पहले कृषि विकास, किसान कल्याण एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम की नोटशीट सामने आई थी। इसमें भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे।

शिकायतों में वेतन संरक्षण, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति, आरक्षण एवं रोस्टर निर्धारण, बैकलॉग पदों पर भर्ती और विभागवार पदों के निर्धारण जैसे मुद्दे उठाए गए थे। इसके अलावा पूर्व निर्धारित रोस्टर में बदलाव और कार्यकारिणी परिषद की मंजूरी के बिना भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए थे।
स्वीकृत पदों से अधिक भर्ती के विज्ञापन का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जाने का भी आरोप लगाया था। वहीं, कार्यकारिणी परिषद का अनुमोदन लिए बिना भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
विधायक ने राज्यपाल को लिखा था पत्र
मामले में स्थानीय विधायक ने 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को पत्र भेजकर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। पत्र में क्षेत्र के युवाओं और अन्य लोगों से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा आयोग या किसी अन्य प्रदेश स्तरीय एजेंसी के माध्यम से कराने का अनुरोध किया गया था।
जांच पूरी होने तक भर्ती पर रोक
शिकायतों के बाद मंत्री स्तर से उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए थे। अब राजभवन के आदेश के बाद शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति और इंटरव्यू अगले आदेश तक रोक दिए गए हैं। वहीं, भवन निर्माण और रखरखाव से जुड़ी शिकायतों की जांच की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी।
गौरतलब है कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही होगी।



