मनेंद्रगढ़, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के चर्चित करण राठौर हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही बलवा के अपराध में सभी दोषियों को 2-2 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। न्यायालय ने दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुरानी रंजिश में हुई थी करण राठौर की हत्या
मामला 5 सितंबर 2025 का है। पुरानी रंजिश को लेकर मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने करण राठौर की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सात आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

7 आरोपियों को उम्रकैद, बलवा में भी सजा
हत्याकांड में रितिक मिश्रा, सचिन जैन और राशिद खान सहित कुल सात आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा बलवा के अपराध में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

मृतक के माता-पिता को मिलेगा प्रतिकर
न्यायालय ने मृतक करण राठौर के माता-पिता को 10 हजार रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है। वहीं, आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद चर्चित हत्याकांड में दोषी ठहराए गए सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है, जबकि मृतक के माता-पिता को आर्थिक प्रतिकर देने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।


