कोरबा, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की जांच में पतंजलि और हल्दीराम जैसे नामी ब्रांड्स के उत्पाद भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य नमूनों में से 20 जांच में फेल पाए गए हैं। यानी करीब 17 प्रतिशत नमूनों में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिली हैं।
जांच में पतंजलि का शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ले व चना जैसे उत्पाद अमानक पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर मिलावट से बचने के लिए लोग स्थानीय ब्रांड के बजाय नामी कंपनियों के पैकेटबंद उत्पादों पर भरोसा करते हैं, लेकिन जांच के नतीजों ने इस भरोसे को झटका दिया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में 10 लाख रुपये तक के जुर्माने से लेकर उम्रकैद तक के प्रावधान हैं।

चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को जिले की चार दुकानों में जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकानदारों पर कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीम ने दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
रेस्टोरेंट और डेयरियों पर भी विभाग की कार्रवाई
खाद्य विभाग जिले के कई रेस्टोरेंट और डेयरियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर चुका है। इन प्रतिष्ठानों पर पहले ही लाखों रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के बीच इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


