8 Mar 2026, Sun

बजट पर प्रतिक्रिया : देश के आम बजट पर बिलासपुर विधायक शैलेष पांडे ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, विधायक शैलेष बोले : “युवाओं और किसानों को ठगने वाला चुनावी बजट”

प्रमोद मिश्रा

बिलासपुर, 01 फरवरी 2022

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए चौथे बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि सरकार ने 5 साल में 60 लाख नई नौकरियां देने की बात कही है, उन्हें बहुत ही स्पष्ट रूप से प्रमाणित करना चाहिए कि बेरोजगारों को नौकरियां कब और किस तरह दी जाएंगी। यह तो नौजवानों के साथ बेरोजगारों के साथ छलावा है। इसी तरह उन्होंने 1 साल में 80 लाख आवास बनाने की भी घोषणा की है, जो बिल्कुल ही निराधार और बुनियाद से कोसों दूर है। उन्होंने सुविधा के नाम पर 5G मोबाइल सेवाओं के प्रारंभ होने की बात कही है । निश्चित रूप से यह बड़े उनके चहेते तकनीकी उद्योगपतियों को अरबों खरबों रुपए का लाभ दिलाने के लिए किया गया फैसला है ।

विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि सुरक्षा और क्षमता वृद्धि के लिए 2000 किलोमीटर रेल नेटवर्क को स्वदेशी तकनीक कवच के लिए लाए जाने की बात कही है,  जबकि सच यह है कि आए दिन होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं पर अब तक अंकुश नहीं लगाया जा सका है, और ट्रेन दुर्घटनाएं पिछले कुछ सालों में बढ़ी हैं। जिनकी जांच के बाद भी निर्णय अप्राप्त रहता है । रेलवे की नौकरी में हाल में ही देशभर के युवाओं ने बहुत बड़ा आंदोलन किया था । उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विकास दर 9.27 फ़ीसदी रहने का अनुमान है, इस टाइप की आंकड़े बाजी भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार का पुराना तरीका है । गंगा के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में ऑर्गेनिक खेती सहित कई घोषणाएं पूरी तरीके से चुनावी घोषणाएं हैं। जिसे चुनाव में लाभ लेने के लिए किया गया है । जो चुनाव होने के बाद कभी धरातल पर नहीं आ पाएगी।

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शैलेश पांडे ने कहा कि नौकरी पेशा करने वाले लोगों को यह उम्मीद थी , कि आयकर के स्लैब में बदलाव किया जाएगा, और थोड़ी राहत होगी। लेकिन सरकार अपने व्यापारिक रवैया पर आज भी पड़ी हुई है और उन्हें कोई राहत नहीं दी गई। किसानों को राहत देने के लिए बहुत सारी घोषणाएं की गई है , जबकि सच यह है कि यह सरकार पूर्ण रूप से उद्योगपतियों के हाथ किसानों की फसलों और उनकी मेहनत को बेचना चाहती है। यह बात किसान आंदोलन से पूरी तरह सामने आ चुकी है। किसानों को उठा के जाने के लिए ही अनेक खेती की योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।।

 

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