7 Mar 2026, Sat

क्या बदलेगा बलौदाबाजार जिले का नाम? : मंत्री टंकराम वर्मा ने नाम बदलने को लेकर कही बड़ी बात, बोले : “…अभी तो नाम बदलने जैसी…” देखें VIDEO

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 07 अप्रैल 2025

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले का नाम बदलने को लेकर जारी कयास के बीच राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बड़ा बयान सामने आया है । मंत्री टंकराम वर्मा से जब पूछा गया कि क्या बलौदाबाजार जिले का नाम बदलने वाला है…? मंत्री टंकराम वर्मा ने बड़ा बयान देते कहा कि देखिए अभी नाम बदलने वाला कुछ ऐसा नहीं है…।

ऐसे में कह सकते हैं कि फिलहाल बलौदाबाजार जिले का नाम बदलने वाला नहीं है । आपको बताते चलें कि जिले के अपर कलेक्टर ने एक पत्र लिखकर जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से उनका अभिमत मांगा था । ऐसे में जिले का नाम बदलने को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे । उसके बाद मंत्री के बयान से लगता है कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है ।

क्या है पूरा मामला?

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नाम बदलने की मांग को लेकर सतनामी समाज ने राज्य शासन को पत्र लिखा था । इस पत्र में जिले का नाम बदलकर ‘गुरु घासीदास धाम’ रखने की मांग की गई है। राज्य शासन ने इस विषय पर जिला प्रशासन से अभिमत (राय) मांगी है।

राष्ट्रीय तीर्थस्थल बनने की तैयारी

जिले को राष्ट्रीय तीर्थस्थल (National Pilgrimage Site) घोषित करने की योजना भी बनाई है। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

गुरु घासीदास बाबा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के महान संतों में से एक हैं। उन्होंने समाज में समानता, सत्य और भाईचारे का संदेश दिया। यह निर्णय उनके योगदान और आदर्शों को मान्यता देने के लिए लिया गया है।

पढ़ें   CM विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा: बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय

अपर कलेक्टर को आदेश दिया गया है कि वे इस फैसले पर अधिकारियों से राय लें और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें।

संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस फैसले से जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व में वृद्धि होगी। गुरु घासीदास बाबा की शिक्षाओं को विश्वभर में प्रचारित करने का यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

इस निर्णय से श्रद्धालु और पर्यटक इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक महत्व को और अधिक जान सकेंगे। यह कदम छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेगा।

 

Share

 

 

 

 

 

You Missed