मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, 20 जून 2025:
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन पर फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के जरिए आरक्षित सीट से चुनाव जीतने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस प्रकरण ने जिले की राजनीति के साथ-साथ प्रशासनिक प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए दावा किया है कि नम्रता सिंह जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया ST प्रमाण पत्र फर्जी है, जो तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर चन्द्रिका प्रसाद बघेल द्वारा बिना उचित सत्यापन के जारी किया गया था।
🔎 जांच में देरी पर नाराज़गी
मामले में SDM, मोहला द्वारा जांच समिति गठित की गई है, लेकिन कार्रवाई की धीमी गति पर शिकायतकर्ता ने असंतोष जताया है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र की वैधता, निवास और सामाजिक स्थिति की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🧾 शिकायतकर्ता की मुख्य मांगें:
- ST प्रमाण पत्र की वैधता और सामाजिक स्थिति की 15 दिनों में जांच
- प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर उसे रद्द किया जाए
- पंचायत राज अधिनियम की धारा 19 और 36 के तहत अध्यक्ष पद से अयोग्यता घोषित की जाए
- BNS, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही हो
- RTI अधिनियम की धारा 4 के तहत सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं
👤 कौन हैं नम्रता सिंह जैन?
नम्रता सिंह जैन, पत्नी सचिन जैन, वर्तमान में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। उनके पिता स्व. नारायण सिंह ओडिशा मूल के 1977 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी थे। वर्ष 2025 में उन्होंने ST आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर अध्यक्ष पद प्राप्त किया था।
⚖️ संवैधानिक और कानूनी संदर्भ
इस प्रकरण को संविधान के अनुच्छेद 14, 342 और 243D का उल्लंघन माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दो अहम फैसले—माधुरी पाटिल बनाम अतिरिक्त आयुक्त (1994) और महाराष्ट्र बनाम मिलिंद (2001)—यह स्पष्ट करते हैं कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र से प्राप्त पद और लाभ तुरंत निरस्त किए जा सकते हैं।
📌 गंभीर तथ्य जो संदेह को पुख्ता करते हैं:
- परिवार का 1950 से पूर्व छत्तीसगढ़ में कोई स्थायी निवास या राजस्व रिकॉर्ड नहीं
- ओडिशा की जनजातीय पहचान छत्तीसगढ़ में मान्य नहीं, संविधान के अनुच्छेद 342 के अनुसार
- 2000-2020 के बीच छत्तीसगढ़ में 267 फर्जी ST प्रमाण पत्र पकड़े गए





