प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 25 जून 2025

पचास साल पहले स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय 25 जून, 1975 की मध्यरात्रि को आपातकाल की घोषणा के साथ लिखा गया था। लेकिन इसकी प्रस्तावना तब लिखी गई जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस वर्ष 12 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रायबरेली से चुनाव को अमान्य घोषित किया।
गांधी के खिलाफ चुनाव याचिका समाजवादी नेता राज नारायण ने दायर की थी, जो रायबरेली से चुनाव हार गए थे। नारायण ने आरोप लगाया था कि इंदिरा गांधी के चुनाव एजेंट यशपाल कपूर एक सरकारी कर्मचारी थे और उन्होंने अपने चुनावी कार्य के लिए सरकारी अधिकारियों का इस्तेमाल किया। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रम का आयोजन बीजेपी सभी जिलों में करेगी । वहीं राजधानी रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे ।
जानिए कब क्या हुआ
- जनवरी, 1966 में इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री निर्वाचित हुईं।
- 1971 में विपक्षी नेता राज नारायण ने रायबरेली में चुनाव में धांधली की शिकायत दर्ज कराई।
- 12 जून, 1975 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनावी धांधली का दोषी ठहराया।
- 24 जून, 1975 को सुप्रीम कोर्ट में इंदिरा गांधी की सरकार को अनुमति, संसदीय विशेषाधिकार छिने।
- 25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी की सलाह पर तत्कालीन राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की।
- 18 जनवरी, 1977 को इंदिरा ने नए चुनावों की घोषणा की, राजनीतिक कैदियों की रिहाई के आदेश
- 16 मार्च, 1977 को इंदिरा गांधी व उनके बेटे संजय गांधी की लोकसभा चुनाव में हार।
- 21 मार्च, 1977 को आपातकाल का आधिकारिक रूप से अंत।
CM विष्णुदेव साय लौटेंगे दिल्ली से
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नई दिल्ली से रायपुर लौटेंगे । तय कार्यक्रम के मुताबिक 2 बजकर 25 मिनट में रायपुर पहुंचेंगे । तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम शाम 4 बजकर 15 मिनट में पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम रायपुर पहुंचेंगे और संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
डिप्टी CM अरुण साव की प्रेसवार्ता
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज रायपुर के बीजेपी कार्यालय में आपातकाल के विषय में प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे । प्रेसवार्ता के बाद सीएम महासमुंद के लिए रवाना होंगे जहां संविधान हत्या दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
अमित जोगी का आज से आंदोलन
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की गौरेला के ज्योतिपुर चौक से मूर्ति हटाने को लेकर अमित जोगी आज से धरना देंगे । दरअसल, 26 मई की रात को अजीत जोगी की प्रतिमा को हटाकर नगर पालिका परिषद कार्यालय के परिसर में फेंक दिया गया था । ऐसे में सम्समान उनकी प्रतिमा को स्थापित करने की मांग अमित जोगी कर रहे हैं ।
रायपुर में मिली एक और लाश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूटकेस में मिले किशोर पैकरा हत्याकांड का रहस्य पूरी तरह सुलझा भी नहीं था कि शहर में एक और सनसनीखेज वारदात ने हलचल मचा दी है। इस बार मामला कबीर नगर थाना क्षेत्र का है, जहां चलती कार से एक युवक की लाश फेंक दी गई। मृतक की पहचान मंदीप सिंह के रूप में हुई है, जिसकी कलाई पर खुद का नाम “Mandeep.S” गुदा हुआ मिला। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और एक युवती समेत तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
चलती कार से फेंकी गई लाश
घटना मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे की है। बाल्मीकि नगर, कबीर नगर रोड के पास एक सफेद क्रेटा कार (CG 04 PY 1388) से अचानक एक युवक की लाश बाहर फेंकी गई। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत शव को एम्स (AIIMS) रायपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
CCTV से मिली जानकारी, तीनों नशे की हालत में मिले
घटना के बाद पुलिस ने इलाके की CCTV फुटेज खंगाली, जिसमें कार की पहचान की गई। इसके आधार पर पुलिस ने कार मालिक सहित एक युवती और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया। प्राथमिक पूछताछ में मृतक के साथ साधना अग्रवाल उर्फ भूरी (19 वर्ष), कबीर नगर, संतोष मिश्रा (44 वर्ष), हीरापुर और एक अन्य युवक (नाम उजागर नहीं) कार में मौजूद थे और सभी नशे की हालत में पाए गए हैं। पुलिस ने सभी के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन्होंने किस प्रकार का नशा किया था। घटना की सूचना मिलते ही कबीर नगर थाना प्रभारी, फोरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।




