प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 01 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने 106 ऐसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की पहचान की है, जो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स का निर्माण और विक्रय कार्य बिना रेरा पंजीयन के संचालित किया जा रहा था, जो कि कानून का उल्लंघन है और उपभोक्ताओं के लिए भी जोखिम भरा है।
रेरा ने इन सभी प्रोजेक्ट प्रमोटरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और साफ कर दिया है कि रेरा अधिनियम, 2016 का पालन हर प्रमोटर की कानूनी जिम्मेदारी है। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि पिछले सात वर्षों में ऐसे 136 प्रोजेक्ट्स पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की गई है, जहां बिना पंजीयन निर्माण कार्य किया गया था।
रेरा अधिनियम के तहत सख्त सजा का प्रावधान
बिना पंजीयन प्रोजेक्ट्स पर रेरा अधिनियम के तहत पंजीकरण शुल्क का 400% तक अतिरिक्त शुल्क और परियोजना लागत का 10% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। रेरा का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पारदर्शी निवेश का माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे ठगी या अनियमितताओं से बच सकें।
www.cgrera.cg.gov.in पोर्टल पर उपलब्ध है पंजीयन की जानकारी
रेरा ने नागरिकों से अपील की है कि वे फ्लैट, प्लॉट, विला या अन्य संपत्ति खरीदने से पहले संबंधित प्रोजेक्ट की रेरा पंजीयन स्थिति की जांच जरूर करें। यह जानकारी सीजी रेरा के आधिकारिक पोर्टल www.cgrera.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
घर खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की पुष्टि ज़रूरी
प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और अराजक प्रोजेक्ट्स पर नियंत्रण उसका मुख्य उद्देश्य है। इसलिए घर खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की जांच अवश्य करें। साथ ही ईमानदार डेवलपर्स से भी सहयोग की अपील की गई है कि वे समय पर अपनी परियोजनाओं का विधिवत पंजीकरण कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ रेरा की इस कार्रवाई से राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।





