प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 9 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और व्यापारी अनवर ढेबर को विशेष अदालत में पेश कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
शराब घोटाले में पहले से जेल में बंद थे आरोपी
गौरतलब है कि अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर पहले से ही बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। अब कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू की जांच के बाद इनकी संलिप्तता सामने आने पर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों ने चावल मिलर्स से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने की सुनियोजित साजिश रची थी।
पुलिस रिमांड पर भेजे गए, घोटाले की रकम के प्रवाह की होगी जांच
विशेष अदालत में पेश करने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, अब रिमांड के दौरान उन आर्थिक कड़ियों को जोड़ा जाएगा जिनके माध्यम से यह घोटालेबाज पैसा घूमता रहा, साथ ही अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान भी की जाएगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला?
इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 11, 13(1)(क), 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 384 (जबरन वसूली) एवं 409 (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासभंग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घोटाला वर्ष 2021–22 के दौरान सामने आया, जब धान की कस्टम मिलिंग के लिए केंद्र सरकार से 62 लाख मीट्रिक टन की मंजूरी मिली थी। इसके बाद राज्य के कुछ प्रभावशाली लोगों ने मिलर्स से दो किस्तों में अवैध वसूली करने की व्यवस्थित योजना बनाई और क्रियान्वित की।
आरोपियों की कड़ी में कौन-कौन?
सूत्रों के अनुसार, इस योजना में राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश रुंगटा, कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर, रामगोपाल अग्रवाल और सिद्धार्थ सिंघानिया जैसे नाम भी सामने आए हैं।
रोशन चंद्राकर ने विभिन्न जिलों से वसूली की रकम सिद्धार्थ सिंघानिया के माध्यम से अनवर ढेबर और फिर अनिल टुटेजा तक पहुंचाई।
जांच की रफ्तार तेज
EOW अब इस प्रकरण में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक नेटवर्क की परतें खुलने की पूरी संभावना है।





