प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 22 जुलाई 2025
21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खुलासा किया कि 2019 से 2022 के बीच ₹2,500 करोड़ का घोटाला हुआ, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

ईडी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के पास ₹16.70 करोड़ की अवैध आय पाई गई, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए कानूनी दिखाने की कोशिश की। इसके लिए फर्जी बैंक एंट्री, कैश लेन-देन, और अवैध पैसे को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में नकली निवेश के रूप में दिखाया गया।
गिरफ्तारी और मौजूदा स्थिति
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को भिलाई से गिरफ्तार किया गया और शुक्रवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने 22 जुलाई तक के लिए 5 दिन की ईडी रिमांड दी है। इस दौरान ईडी पूछताछ जारी रखेगी। चैतन्य को कल फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
ईडी के मुख्य आरोप
- अपराध की आय (Proceeds of Crime – POC): चैतन्य को ₹16.70 करोड़ की अवैध कमाई मिली।
- मनी लॉन्ड्रिंग की रणनीति: काले धन को रियल एस्टेट में शेल निवेश और फर्जी फ्लैट खरीद के जरिए सफेद किया गया।
- त्रिकोणीय वित्तीय लेन-देन: त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर, विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैट्स को उनके कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया ताकि अवैध धन का स्रोत छुपाया जा सके।
- सीधा ट्रांसफर: शराब सिंडिकेट से त्रिलोक को पैसा मिलने के बाद, ₹5 करोड़ चैतन्य को ट्रांसफर किए गए।
- सिंडिकेट से जुड़ाव: ईडी ने इसे सिर्फ “शुरुआत” बताया और कहा कि जांच में राजनीतिक और प्रशासनिक गठजोड़ के गहरे संकेत मिले हैं।
- अब तक जिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें शामिल हैं: अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, और कवासी लखमा।
₹1,000 करोड़ से अधिक काले धन की हेराफेरी का आरोप
शराब व्यवसायी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने ईओडब्ल्यू और ईडी को दिए बयान में बताया कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का काला धन संभाला। यह धन अनवर ढेबर से दिपेन चौड़ा, फिर रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचा, और इस पूरे नेटवर्क में चैतन्य की भूमिका बताई गई।
ईडी का यह भी दावा है कि चैतन्य के निर्देश पर के.के. श्रीवास्तव को ₹100 करोड़ नकद दिए गए।
पप्पू बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि उसने सिर्फ तीन महीने में इस घोटाले से ₹136 करोड़ की कमाई की।
भूपेश बघेल का ईडी और बीजेपी पर हमला
ईडी की प्रेस विज्ञप्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को जब उनके घर पर रेड हुई और फिर 26 मार्च को CBI ने छापा मारा, तब कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया गया।
“अब बेटे की गिरफ्तारी के चार दिन बाद प्रेस रिलीज आ रही है। क्या अडानी का कंप्यूटर खराब था या बीजेपी का ‘सुपर सीएम’ छुट्टी पर गया था?”
— भूपेश बघेल का X पोस्ट
बघेल ने आरोप लगाया:
“ईडी बीजेपी के लिए काम करती है और बीजेपी ईडी के लिए। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे राजनीतिक दुरुपयोग पर कड़ी टिप्पणी की है।”





