9 Sep 2026, Wed
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CG में धर्मांतरण का खेल : नौकरी का झांसा देकर नारायणपुर की तीन युवतियों को ले जा रहे थे आगरा, एक युवक और दो नन के खिलाफ मामला दर्ज, धर्मांतरण और मानव तस्करी का मामला दर्ज

• 8 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

• प्रदेश में लगातार बढ़ रहे धर्मांतरण के मामले

भिलाई, 26 जुलाई 2025

 

 

नौकरी दिलाने का झांसा देकर नारायणपुर की तीन युवतियों को आगरा ले जाने के मामले में दुर्ग रेलवे पुलिस ने एक युवक और दो नन को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ मानव तस्करी की धारा 143 बीएनएस और धर्मांतरण अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दोपहर करीब 2 बजे तीन युवतियां स्टेशन में डरी सहमी सी दो नन के साथ दिख रही थीं। उनके साथ एक युवक भी था। मुखबिर की सूचना पर जीआरपी ने उनसे पहले पूछताछ की। तीनों की उम्र 18 से 19 साल है। दो ओरछा की हैं तो एक कुकड़ाझोर की है। तीनों नारायणपुर निवासी युवक सुखमन मंडावी और आगरा से आई नन प्रीती मैरी और वंदना फ्रांसिस के साथ थीं।

पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें हर प्रकार की सुविधा दिलाने, हर महीने 8 से 10 हजार रुपए महीने वेतन दिलाने का लालच दिया गया। पहले उन्हें छत्तीसगढ़ में ही कहीं पर नौकरी दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन दुर्ग आने के बाद उन्हें आगरा जाने के लिए कहा गया। यहां यह दोनों नन आ गईं और साथ लेकर जाने वाली थी। इसी बीच मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता भी स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने जीआरपी थाने के सामने जमकर प्रदर्शन किया।

तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और धर्मांतरण का मामला दर्ज करने की मांग की। इसी बीच बेप्टिस्ट चर्च के प्रेसिडेंट और यूनाइडेट किसन काउंसिलिंग के डायरेक्टर ऑफ बोर्ड के सदस्य एम. जोनाथन जॉन भी अपने साथियों के साथ पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर नन के खिलाफ धर्मांतरण का मामला दर्ज नहीं करने की मांग की।

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तीनों युवतियों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है

एसपी (रेलवे) श्वेता सिन्हा ने बताया कि तीनों युवतियों की उम्र 18 से 19 साल के बीच है। तीनों के घर की हालत और आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। इसी हालत को देखते हुए सुखमन ने उनसे संपर्क किया और उसे झांसे में ले लिया। उन्हें लालच देकर बहलाया फुसलाया। हर महीने 8 से 10 हजार रुपए वेतन दिलाने की भी बात कही थी।

लेकिन उनसे क्या काम लिया जाता, नहीं बताया गया

सुखमन उन्हें दुर्ग में छोड़कर वापस लौट जाता और दोनों नन युवतियों को आगरा लेकर जाने वाले थे। युवतियों के बताए नंबर पर उनके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। वह स्थानीय स्तर पर युवतियों की तलाश में जुटे हुए थे। परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं तीनों युवतियों को नारी निकेतन भेज दिया गया है।

नौकरी का झांसा देकर आगरा ले जा रहे थे : सौरभ

बजरंग दल दुर्ग इकाई के समन्वयक सौरभ देवांगन ने बताया कि स्टेशन में हमारे कार्यकर्ता घूम रहे थे। उनसे जानकारी मिली कि तीन युवतियों को एक युवक और दो नन कहीं लेकर जाने की तैयारी में हैं। तीनों युवतियां काफी डरी सहमी सी दिख रही हैं। इसकी जानकारी मिलने पर जीआरपी से संपर्क किया गया और स्टेशन पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

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