प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 26 जुलाई 2025

देश की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने झारसुगुडा स्थित अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) संयंत्र में प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (PFA) की उत्पादन क्षमता को 120 किलो टन प्रति वर्ष (KTPA) तक बढ़ा दिया है। यह रणनीतिक विस्तार भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए उन्नत एल्युमीनियम समाधानों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्राइमरी फाउंड्री अलॉय का उपयोग ऑटोमोबाइल के प्रमुख पुर्जों—जैसे अलॉय व्हील्स, सिलेंडर हैड्स, इंजन ब्लॉक्स और ट्रांसमिशन हाउसिंग—के निर्माण में होता है। इन मिश्र धातुओं की मजबूती, ढलाई क्षमता और थर्मल कंडक्टिविटी के चलते ये आधुनिक, ईंधन दक्ष और कम उत्सर्जन वाले वाहनों के लिए अत्यावश्यक हैं।
वैश्विक और घरेलू बाजार में बढ़ती मांग
जहां वैश्विक PFA बाजार 5.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है, वहीं भारत 6.5% की दर से इससे आगे निकल रहा है। अनुमान है कि आने वाले पांच वर्षों में भारतीय PFA बाजार 7% की CAGR के साथ और तेज़ी से आगे बढ़ेगा। यह वृद्धि ऑटो सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों और हल्के मटेरियल की ओर रुझान के साथ “मेक इन इंडिया” और PLI योजनाओं से और सशक्त होगी।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा,
“हमारी PFA उत्पादन क्षमता का विस्तार ग्राहकों के लिए वैल्यू एडिशन और भारत को वैश्विक एल्युमीनियम समाधान केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती देने वाला रणनीतिक कदम है।”
वहीं कंपनी के सीओओ सुनील गुप्ता ने कहा,
“हम अपने वैल्यू-ऐडेड उत्पादों के पोर्टफोलियो को बढ़ाकर हल्के और ईंधन-कुशल वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं और साथ ही स्वदेशी निर्माण को सशक्त बनाकर भारत की आयात निर्भरता कम कर रहे हैं।”
अत्याधुनिक तकनीक और सस्टेनेबिलिटी पर जोर
वेदांता की झारसुगुडा यूनिट में स्पेन की कंपनी बेफेसा से लाई गई अत्याधुनिक कास्टिंग लाइनें, इन-लाइन मैटल ट्रीटमेंट, डिगैसिंग और वर्टिकल चिल कास्टिंग तकनीकें लगाई गई हैं। यह सुनिश्चित करता है कि वेदांता का PFA विश्वस्तरीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतरे।
सस्टेनेबिलिटी की दिशा में भी कंपनी ने अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। वेदांता का एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (ASI) चेन ऑफ कस्टडी सर्टिफिकेशन इस बात का प्रमाण है कि कंपनी का उत्पादन नैतिक, ट्रेसेबल और कम-कार्बन फुटप्रिंट आधारित है। इससे पर्यावरण के प्रति जागरूक ग्राहकों को भी भरोसा मिलता है।
वेदांता एल्युमीनियम का यह विस्तार न केवल भारत की औद्योगिक ताकत को बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देश की प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा। तकनीक, गुणवत्ता और सस्टेनेबिलिटी के मेल से यह कदम उन्नत मिश्र धातु निर्माण के भविष्य को दिशा देगा।





