रायगढ़, 2 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ में दिल दहला देने वाला मर्डर मिस्ट्री सामने आया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिदार के भाई जयपाल सिंह सिदार की हत्या का चौंकाने वाला सच पुलिस ने उजागर किया है। हत्या की ये साजिश जेल में बंद कुख्यात अपराधी शिव साहू ने रची थी। वजह— मृतक जयपाल सिंह उसकी प्रेमिका के रास्ते की दीवार बन रहा था। सुपारी दी गई 1 लाख रुपये की, और कत्ल को अंजाम दिया गया महज 10 हजार रुपये एडवांस लेकर। हत्या करने वाले तीनों युवक जयपाल के जानकार थे, जिनमें मास्टरमाइंड शुभम गुप्ता प्रधानमंत्री आवास योजना में “आवास मित्र” था, जबकि मदन गोपाल और कमलेश यादव कॉलेज स्टूडेंट्स।
“हम नहीं मारते अगर पता होता कि जयपाल विधायक का भाई है”
आरोपी कमलेश यादव ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला बयान दिया। उसने कहा— “हमें नहीं पता था कि ये जयपाल कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिदार का भाई है, वरना हम उसे नहीं मारते। मारने के लिए पैसे नहीं लिए थे। शुभम ने आधे रास्ते में प्लान बताया। मना किया तो कहा- अगर नहीं मारेंगे तो वो हमें नहीं छोड़ेगा। गांजा लेना था, उसकी गाड़ी छीननी थी, इसलिए मार डाले।”

ऐसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, शिव साहू सरिया थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में एक युवक की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा है। जेल में रहते हुए उसका मृतक जयपाल की पत्नी से अफेयर चल रहा था। जयपाल इस रिश्ते में रोड़ा बन रहा था। शिव साहू ने जेल से बाहर पैरोल पर आने के दौरान जयपाल की हत्या कराने की साजिश रची। इस काम के लिए उसने शुभम गुप्ता को 1 लाख की सुपारी दी।
शुभम ने अपने दो अन्य साथियों—कमलेश यादव और मदन गोपाल को भी साथ लिया। जून महीने में तीनों ने मिलकर प्लानिंग की और 3 जुलाई को जब शिव साहू दोबारा पैरोल पर बाहर आया, तो शुभम को एडवांस के तौर पर 10 हजार रुपये कैश दिए।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
7 जुलाई की सुबह जयपाल सिंह अपने बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे, तभी शुभम ने फोन कर किसी काम के बहाने उन्हें कोतबा बुलाया। जयपाल अपनी कार से निकल पड़े। शुभम अपने दोनों साथियों कमलेश और मदन के साथ पहले ही तैयार खड़ा था। जयपाल की गाड़ी में सवार होकर चारों रवाना हुए।
शुभम और जयपाल पीछे बैठे थे, जबकि साथी गाड़ी चला रहे थे। जैसे ही गाड़ी जशपुर रोड की ओर बढ़ी, चलती कार में शुभम ने अपने साथियों के साथ मिलकर गमछे से जयपाल का गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को सिसरिंगा घाटी के जंगल में फेंक दिया और फरार हो गए। जयपाल की कार भी जंगल में लावारिस हालत में छोड़ दी गई।
हत्या का खुलासा ऐसे हुआ
जयपाल सिंह 7 जुलाई से लापता थे। परिवार और पुलिस ने उन्हें गुमशुदा मानकर तलाश शुरू की। लेकिन 23 दिन बाद सिसरिंगा घाटी के जंगल से उनकी सड़ी-गली लाश बरामद हुई। साथ ही लाखा के पास उनकी कार भी मिली।
पुलिस ने जयपाल के कॉल डिटेल्स और मिलने-जुलने वालों की गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान शुभम गुप्ता का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पहले टालमटोल किया, मगर सख्ती से पूछने पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड शिव साहू पहले से जेल में बंद है।
रायगढ़ पुलिस जल्द ही इस मर्डर केस में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।





