प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 02 अगस्त 2025

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को 138 साल के इतिहास में पहली बार महिला डीजी मिली है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति ने 1993 बैच की मध्यप्रदेश कैडर की IPS अधिकारी सोनाली मिश्रा को RPF के महानिदेशक (DG) पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। सोनाली मिश्रा 31 अक्टूबर 2026 तक इस पद पर रहेंगी।
सोनाली मिश्रा न केवल अपनी पेशेवर उत्कृष्टता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं, बल्कि उनका छत्तीसगढ़ से भी पुराना नाता रहा है। जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था, तब सोनाली मिश्रा बिलासपुर में ASP और CSP के पद पर तैनात रह चुकी हैं। राज्य विभाजन के बाद वे अपने कैडर मध्यप्रदेश में लौट गईं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुकीं पहचान
तीन दशकों से अधिक के अपने सेवा अनुभव में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे ADG (चयन/भर्ती), पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक रह चुकी हैं। साथ ही सोनाली मिश्रा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
उनके करियर की विशेष उपलब्धियों में कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देना शामिल है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से हो चुकीं सम्मानित
सोनाली मिश्रा को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
RPF के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है नेतृत्व
दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक भारतीय रेलवे की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले RPF के लिए सोनाली मिश्रा का नेतृत्व गेमचेंजर साबित हो सकता है। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के लोग उन्हें आज भी एक कड़क लेकिन संवेदनशील अफसर के रूप में याद करते हैं।





