प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 04 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में हुए 500 करोड़ रुपये से अधिक के दवा और रीएजेंट खरीदी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब जांच की दिशा और तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों—भीम सिंह, चंद्रकांत वर्मा और तत्कालीन सीजीएमएससी (CGMSC) की एमडी पद्मिनी भोई—से पूछताछ की तैयारी पूरी कर ली है।
यह बहुचर्चित घोटाला छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) के माध्यम से अंजाम दिया गया, जहां बिना जरूरत दवाइयां, मशीनें और मेडिकल उपकरण खरीदे गए। इन खरीदारियों में नियमों की अनदेखी कर प्राइवेट सप्लायरों को लाभ पहुंचाया गया और गुणवत्ता से भी समझौता किया गया।
अब तक ईडी ने मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा सहित 7 लोगों को जेल भेज दिया है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के 18 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। ईडी सूत्रों का कहना है कि घोटाले की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं और आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली नामों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
विधानसभा में मंत्री ने दिए थे संकेत, अब बड़े अफसरों पर फोकस
विधानसभा सत्र के दौरान स्वयं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दो बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के संकेत दिए थे। जांच में सामने आया है कि घोटाले के दौरान कई ऐसी मशीनें और उपकरण खरीदे गए, जिनकी अस्पतालों में कोई आवश्यकता ही नहीं थी। 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को उपकरण भेजे गए, लेकिन 350 से अधिक केंद्रों में भंडारण की सुविधा तक नहीं थी।
जनसांख्यिकीय और स्वास्थ्य सर्वेक्षण (DHS) की ओर से कोई बेसलाइन सर्वेक्षण नहीं किया गया, फिर भी भारी मात्रा में अनावश्यक खरीदी कर दी गई। इसके अलावा प्राइवेट सप्लायरों को मनमाने ढंग से भुगतान किए गए।
ईडी का शिकंजा कसता जा रहा, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
ईडी ने अधिकारियों को समन भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। एजेंसी की टीमें अब जेल में बंद दवा व्यापारियों और पूर्व अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए कोर्ट की अनुमति लेने में जुटी हैं।
जांच एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले में भ्रष्टाचार की जड़ें गहराई तक फैली हैं और इसके तार कई प्रभावशाली नौकरशाहों और राजनेताओं से जुड़े हो सकते हैं।
आगामी हफ्तों में इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचनी तय है।





