प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 13 अगस्त 2025

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर वेदांता एल्युमीनियम ने अपने युवा कार्यबल की ऊर्जा और योगदान को सम्मानित किया। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी में औसत उम्र सिर्फ 31 साल है, जबकि 65% कर्मचारी 35 साल से कम उम्र के हैं। उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में ये युवा नई तकनीकों और नवाचार के साथ उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
कंपनी की नई भर्तियों में 93% फ्रेश ग्रेजुएट्स हैं। वी-कैंपस, रोल मॉडल कैंपस माइंड्स और वी-अस्पायर जैसे प्रोग्राम युवाओं को तकनीकी, नेतृत्व और डिजिटल कौशल में निपुण बना रहे हैं। 3x3x3 करियर फ्रेमवर्क और एआई-पावर्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म्स से कर्मचारी बहुआयामी कार्यक्षमता विकसित कर रहे हैं।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “हमारे युवा कर्मचारी बदलाव के मुख्य कारक हैं। हरित एल्युमीनियम समाधानों से लेकर डिजिटल तकनीकों को अपनाने तक, वे हमारे संचालन और इनोवेशन के तरीके को बदल रहे हैं और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं।”
युवा टीमें एआई कमांड सेंटर्स और स्मार्ट डिजिटल सॉल्यूशंस से उत्पादन दक्षता बढ़ा रही हैं। प्रोजेक्ट पंछी और नंद घर जैसी सामाजिक पहलें महिलाओं और बच्चों को सशक्त बना रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2025 में 2.42 मिलियन टन उत्पादन के साथ, वेदांता एल्युमीनियम उद्योग में नवाचार, स्थायित्व और नेतृत्व का प्रतीक बनकर उभरा है।





