कांकेर, 22 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना एक युवक के लिए मौत का कारण बन गया। परतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिनागुंडा निवासी मनेश नुरेटी (25) ने 15 अगस्त को ग्रामीणों के साथ स्कूल परिसर में बने नक्सली स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इसके अगले ही दिन नक्सलियों ने उसे जनअदालत में मौत की सजा सुनाकर गला घोंट दिया।

गुरुवार को सामने आए एक वीडियो में मनेश तिरंगा फहराते नजर आया। नक्सलियों ने 17 अगस्त को बैनर लगाकर हत्या की जिम्मेदारी ली और उस पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया। साथ ही सरपंच रामजी धुर्वा व अन्य ग्रामीणों को भी धमकी दी। नक्सलियों ने बिनागुंडा मुठभेड़ का जिक्र करते हुए सरपंच और बैजू नरेटी को जिम्मेदार ठहराया है।
कांकेर एसपी आई.के. एलिसेला ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हत्या की वजह मुखबिरी बताई गई है, वहीं झंडा फहराने को भी कारण माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
बस्तर में लगातार नक्सली वारदातें
16 अप्रैल 2024 को बिनागुंडा क्षेत्र में हुई बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे, जिनमें कुख्यात नेता शंकर राव भी शामिल था। इसके बाद इलाके में नक्सलियों की सक्रियता कम हो गई थी, लेकिन हालिया घटनाओं से उनकी मौजूदगी फिर से बढ़ती दिख रही है।
बीजापुर जिले में भी पिछले दो महीनों में नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों की हत्या की है। इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल था।
25 साल में 1820 से ज्यादा हत्याएं
राज्य गठन के बाद से पिछले 25 वर्षों में नक्सलियों ने बस्तर संभाग में 1820 से ज्यादा हत्याएं की हैं। इनमें आम नागरिक, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्याएं बीजापुर जिले में हुई हैं





