प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 25 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इस एमओयू से बिलासपुर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान से प्रशिक्षण और नई चिकित्सा तकनीकों का अनुभव मिलेगा।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस समझौते से न केवल रिसर्च और उपचार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी अपने ही शहर में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है, ताकि प्रदेश के लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना अपने ही जिले में उन्नत इलाज उपलब्ध हो सके।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक जिंदल ने भरोसा दिलाया कि एम्स बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सों और स्टाफ को क्लिनिकल ट्रेनिंग, संकाय आदान-प्रदान, सहयोगी शोध, टेलीमेडिसिन सेवाओं और बहु-केंद्रीय अध्ययनों में हर संभव मदद करेगा।
इस अवसर पर एम्स रायपुर की ओर से अधिष्ठाता (रिसर्च) डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता (रिसर्च) डॉ. एकता खंडेलवाल और अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता मौजूद रहे। वहीं, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बिलासपुर से प्रो. डॉ. अर्चना सिंह और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
👉 यह एमओयू प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में बिलासपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।





