दुर्ग, 30 अगस्त 2025
17 अगस्त की रात दुर्ग बस स्टैंड के पास स्थित वीर नारायण सिंह की प्रतिमा और शिलालेख पर कालिख पोते जाने की घटना में पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है। आरोपी महिला की पहचान राही उर्फ रेखा निर्मलकर के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि महिला लंबे समय से मानसिक रोग से पीड़ित है। उसके परिजनों के अनुसार, वह कई सालों से इलाज करा रही है और उसे ‘नारायण’ नाम से विशेष चिढ़ है। बताया गया कि महिला के पति का नाम भी नारायण निर्मलकर है, जिसकी वजह से वह असामान्य व्यवहार करती है।
आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद आदिवासी समाज ने इसे अपने पुरखों का अपमान बताते हुए विरोध जताया था। समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की।
मानसिक चिकित्सालय भेजी गई महिला
दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी महिला को मेडिकल जांच के बाद मानसिक चिकित्सालय भेजा गया है। पुलिस ने उसके पति से इलाज संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





