प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 01 सितंबर 2025

दंतेवाड़ा में आई बाढ़ के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाने में तत्परता दिखाई है। बाढ़ पीड़ितों को न केवल राशन बल्कि बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा तक उपलब्ध कराया गया है। जिनके मकान ढह गए, उन्हें सहायता राशि भी दी गई है।
विदेश दौरे पर रहने के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए थे। आज जब वे दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचे, तो बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए प्रशासन और सरकार का आभार जताया।
बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे और लता सागर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राहत शिविर में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है और अब आवश्यक सामग्री भी मिल चुकी है। इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग और बबीता नाग ने भी राहत शिविर की व्यवस्थाओं और प्रशासन की मुस्तैदी की सराहना की।
मुख्यमंत्री से मिलकर भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ी
चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री से मिलीं तो भावुक हो उठीं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से उनका पूरा घर डूब गया था। संयोगवश बाढ़ के एक दिन पहले वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी वहीं थीं, इस वजह से उनकी जान बच गई। घर लौटने के बाद प्रशासन ने उन्हें राशन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा मुहैया कराया, साथ ही शिविर में भोजन और इलाज की सुविधा भी दी गई।
इसी तरह सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ के दिन पूरा परिवार घर में था लेकिन प्रशासन की सूचना पर वे सुरक्षित स्थान पर चले गए। राहत शिविर में उन्हें भोजन, कपड़े, गैस सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान मिला जिससे उनका परिवार बड़ी मुश्किल से उबर पाया।
बाढ़ प्रभावितों ने कहा कि सरकार और प्रशासन की समय पर की गई पहल से वे सुरक्षित और सकुशल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक अमले की तत्परता की सराहना की और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।





